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सतत कृषि ज्ञान एवम् सशक्तिकरण संस्था (साकेत)

सतत कृषि ज्ञान एवम् सशक्तिकरण संस्था (SAKET) देश भर के किसानों के द्वारा एकजुट होकर बनाई गई राष्ट्रीय स्तर की एक गैर सरकारी संस्था है. यह संस्था पिछले एक वर्ष से किसानों के हितों के लिए काम कर रही है. साकेत संस्था Sustainable Agriculture Knowledge and Empowerment Trust (SAKET) के नाम से नई दिल्ली में पंजीकृत है. इस राष्ट्रीय स्तर के गैर सरकारी संगठन का पंजीयन दिनांक 21 दिसंबर 2015 को (पंजीकरण क्रमांक – 2015-2016/4/2398) के रूप में हुआ। आज इस संगठन में लगभग चार हजार किसान प्रत्यक्ष रूप में जुड कर लाभान्वित हो रहे हैं। यह संस्था अपने पारंपरिक कृषि ज्ञान को पुनः स्थापित करते हुए खेती को लाभकारी और प्रकृतिक संसाधनों के संवर्धन की दिशा में काम कर रही है. अपने नाम के अनुरूप ही संस्था कृषि ज्ञान के संवर्धन के साथ भूमि सरंक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन के लिए प्रयासरत है. इसके साथ ही सतत ग्रामीण विकास के लिए ग्रामीण स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण के लिए समग्र ग्राम विकास की दिशा में भी संस्था कार्य कर रही है.

साकेत

संस्था

किसानों की बदहाली और आत्महत्या की ख़बरों के बीच आशा की एक किरण दिखाई दे रही है। ढुलमुल सरकारी रवैये और अफसरशाही के नए नए प्रयोगों से खस्ताहाल और घाटे का सौदा साबित हो चुकी कृषि व्यवस्था को पुनः स्थापित करने के लिए देश भर के किसानों ने मिलकर किसानों के लिए एक अनोखी मुहिम की शुरुआत की है। किसानों की इस मुहीम का नाम है-साकेत अर्थात Sustainable Agriculture Knowledge and Empowerment Trust (SAKET) या सतत कृषि ज्ञान और सशक्तिकरण संघ।

परिचय

विकास की आंधी के बीच किसान कहीं पर उपेक्षित सा हो गया है। उसी किसान को हाशिये से पुनः मुख्यधारा पर लाना है। क्षद्म विकास के नारों के बीच गांवों को पुनर्परिभाषित और पुनसर््थापित करना है। यह सब किसान को खुद ही करना है वो भी सिर्फ अपने दम पर। सब किसान मिलकर सामूहिक रूप से परिवर्तन की शुरुआत करते हुए दिख भी रहे हैं। आत्मविश्वास से लबरेज ऐसे ही किसानों की सामूहिक विचारधारा “साकेत” के रूप आकर ले रही है।

प्रशिक्षण

किसान को विषमुक्त खेती की पूरी जानकारी व खेत पर उसकी हर मदद। इसके लिए हर सम्भव उपलब्ध जानकारी और किसानों के अनुभव को सम्मिलित कर साहित्य के रूप में ,खेती की ट्रेनिंग कार्यशालाओं के रूप में, मॉडल कृषि फार्म बनाकर ट्रेनिंग स्कूल के रूप में और किसान के फार्म पर उचित सहायता पहुँचाकर किसान की मदद की जायेगी।

बीज प्रबन्धन

Dr D K Payasi Sagar MP: किसी भी पौधे का वह भाग जो भारतीय बीज अधिनियम 1966 और भारतीय बीज प्रमाणीकरण स्टैण्डर्ड के मानकों के अनुसार स्वस्थ पौधे को जन्म देता है बीज कहलाता है। बीज मुख्यरूप से 4 प्रकार से है। नाभिकीय, प्रजनक, आधार, प्रमाणित और आजकल TFL बीज को भी मान्यता...

साकेत द्वारा प्रकाशित पत्रिका “साकेत मार्गदर्शिका” अब डाक द्वारा उपलब्ध

“साकेत मार्गदर्शिका” की मुद्रित प्रति प्राप्त करने के लिए आपने बड़ी आतुरता और बहुत धैर्य के साथ प्रतीक्षा की और हमको इस काम को जल्दी करने की ऊर्जा प्रदान की। इसके लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद...। अब आपके इंतज़ार की घड़ियाँ समाप्त हो चुकी हैं...। यह बताते हुए हमें बहुत हर्ष...

समेकित जैविक खेती प्रशिक्षण: KVK अंता, राजस्थान

नमस्कार साथियों साकेत द्वारा अंता, राजस्थान में 04-05 जून 2016 को  आयोजित समेकित जैविक खेती शिविर में राजस्थान, मध्य प्रदेश के लगभग 50-60 सक्रिय किसानों ने भाग लिया। शिविर के प्रारम्भ में सभी प्रशिक्षणार्थियों ने अपना परिचय दिया। इसके पश्चात कृषि विज्ञान केंद्र के...

समेकित जैविक खेती प्रशिक्षण: बुगाना, हिसार, हरियाणा

नमस्कार साथियों साकेत संस्था द्वारा समेकित जैविक खेती अभियान के अंतर्गत किसानो को जैविक खेती का प्रशिक्षण देने के लिए निःशुल्क कार्यशालाओं का आयोजन प्रारंभ किया गया है। इस कड़ी की पहली कार्यशाला फरवरी माह में रामपुर, उत्तर प्रदेश में आय¨जित की गई थी। अभियान को आगे...

मेरठ में बनेंगे किसानों के पी.जी.एस. समूह

नमस्कार साथियों 22 मई 2016 के दिन मेरठ में साकेत सदस्यों ने जैविक उत्पादों की बिक्री पर चर्चा की। इस बैठक में नितिन काजला, अमरदीप सिवाच, अमित सैनी समेत कुल 10 लोगों ने हिस्सा लिया। इस बैठक का उद्देश्य जैविक उत्पादों की बिक्री की समस्याओं पर चर्चा और समाधान प्रस्तुत...

समेकित जैविक खेती प्रशिक्षण: रामपुर, उत्तर प्रदेश

नमस्कार साथियों 11 फ़रवरी 2016 को साकेत टीम द्वारा रामपुर उत्तरप्रदेश में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। साकेत के क्षेत्रीय समन्वयक श्री राजपाल सिंह ने अपने गांव लोहरा टांडा में इस गोष्ठी का आयोजन कराया। इस गोष्ठी में रोहतक से आये प्रशिक्षक डॉ राजेन्द्र चौधरी ने...