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नमस्कार साथियों

साकेत संस्था द्वारा समेकित जैविक खेती अभियान के अंतर्गत किसानो को जैविक खेती का प्रशिक्षण देने के लिए निःशुल्क कार्यशालाओं का आयोजन प्रारंभ किया गया है। इस कड़ी की पहली कार्यशाला फरवरी माह में रामपुर, उत्तर प्रदेश में आय¨जित की गई थी। अभियान को आगे बढ़ाते हुए दूसरी कार्यशाला सूरा फार्म, ग्राम बुगाना, हिसार, हरियाणा में 28-29 मई 2016 को आयोजित की गई। इस कार्यशाला में आस-पास के लगभग 100 से अधिक किसानों ने आकर साकेत संस्था के प्रशिक्षकों से जैविक खेती का प्राथमिक स्तर का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कार्यशाला के प्रारम्भ में वर्तमान खेती पद्धति के स्थान पर जैविक खेती की आवश्यकता पर जानकारी दी गई। कार्यशाला में जैविक खेती के लिए गाय, पेड़-पौधों, सूक्ष्मजीवों और बीजों की उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया गया। जैविक खेती में बिना कृत्रिम रसायनों के प्रयोग के मृदा पोषण और फसल पोषण के विकल्प के बारे में बताया गया। जैविक खेती में जैव-कल्चर द्वारा भूमि-शोधन और बीजामृत द्वारा बीज शोधन के तरीकों के साथ-साथ जीवामृत, घनजीवामृत आदि के बनाने के बारे में प्रायोगिक रूप से जानकारी दी गई। इसके बाद के सत्र में फसल सुरक्षा के जैविक विकल्प नीमॉस्त्र, अग्निअस्त्र, ब्रम्हास्त्र, तथा फसलों के लिए उपलों से बने टॉनिक आदि के निर्माण और प्रयोग को बताया गया। कार्यशाला के एक सत्र में विभिन्न प्रकार के कीटों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। खेतों में पाए जाने वाले मित्र कीटों के बारे में जानना किसानों के लिए रोचक अनुभव रहा।

इसके बाद जैविक सर्टिफिकेशन, फसल उत्पाद के मूल्य संवर्धन के बारे में भी बताया गया। इस कार्यशाला में साकेत संस्था की तरफ से साकेत चेयरमैन नितिन काजला,  अनिल चैहान, हरदीप सूरा, राजेश जी, आदि ने प्रशिक्षण प्रदान किया। जयभगवान और सोनू मलिक का कार्यशाला के आयोजन की व्यवस्थाओं में विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। किसान भाइयों ने भी अपने नवाचारों से सभी को अवगत करवाया। इसके बाद दूसरे दिन सभी को प्रमाणपत्र वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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